गरमालो (आरग्वध / अमलतास) – कब्ज की आयुर्वेदिक औषधि

20 से 30 फुट ऊंचे गरमालो (अमलतास) के वृक्ष की पहचान इसकी गोल, लकड़ी जैसी फलियों से होती है — पकने पर मरून रंग की और कच्ची अवस्था में हरे रंग की, लगभग एक से डेढ़ फुट लंबी और अंगूठे जितनी मोटी — साथ ही इस पर आने वाले झूमर जैसे ताजे पीले फूल भी …
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शिरीष (Albezia lebbeck) – विषघ्न आयुर्वेदिक औषधि

“शिरीषो विषघ्नानाम्” — आचार्य चरक ने भी शिरीष को विषघ्न (विष नाशक) द्रव्य के रूप में वर्णित किया है। दस प्रमुख विषघ्न द्रव्यों में शिरीष को श्रेष्ठ माना गया है। प्राचीन काल से ही विष उतारने के लिए शिरीष का उपयोग होता आया है, और आज भी यह गांवों तथा वनवासी क्षेत्रों में बहुत प्रचलित …
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जटामांसी (Nordostachys Jatamansi) – नाड़ीतंत्र के लिए आयुर्वेदिक औषधि

नदी किनारे उगने वाली, जटा जैसी दिखने वाली घास जैसी जटामांसी को “जटाशंकर” भी कहा जाता है। हिंदी में इसे “बालछड़” और संस्कृत में “जटामांसी” या “मासी” नाम से जाना जाता है। आचार्य चरक ने इसे संज्ञास्थापन (चेतना लाने वाली) औषधियों के वर्ग में शामिल किया है, जिससे इसके महत्व का अंदाजा लगाया जा सकता …
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सर्पगंधा (Rauwolfia Serpentina) – ब्लड प्रेशर की आयुर्वेदिक औषधि

सर्पगंधा, जिसे वैज्ञानिक नाम Rauwolfia Serpentina से जाना जाता है, आयुर्वेद, एलोपैथी और होम्योपैथी — तीनों पद्धतियों के चिकित्सकों के लिए एक जाना-पहचाना नाम है, और इस पर दुनियाभर में लगातार शोध होते रहे हैं। शायद नीम, हल्दी और आंवला के बाद किसी और औषधि को यह सम्मान बहुत कम मिला है। कहा जाता है …
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राई (Black Mustard Seed) के औषधीय गुण और उपयोग

दाल, सब्जी और अचार में रोज इस्तेमाल होने वाली राई का स्वाद वैसे किसी को भी पसंद नहीं आता, फिर भी इसके बिना काम नहीं चलता। भारतीय पारंपरिक आहार पद्धति का अभिन्न अंग होने के साथ-साथ राई अपने औषधीय गुणों के कारण भी अपनी अलग पहचान रखती है। डेढ़-दो फुट ऊँचा राई का पौधा फूल …
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कैशोर गुग्गुलु: जोड़ों के दर्द और त्वचा रोगों के लिए आयुर्वेद का अमृत – संपूर्ण मार्गदर्शिका

English ગુજરાતી आज के आधुनिक युग में गलत खान-पान की आदतों और बैठी हुई जीवनशैली के कारण यूरिक एसिड बढ़ना, जोड़ों का दर्द (गठिया) और त्वचा के रोग सामान्य हो गए हैं। इन समस्याओं के लिए आयुर्वेद में एक अत्यंत प्रभावशाली औषधि बताई गई है, जिसका नाम है ‘कैशोर गुग्गुलु’ (Kaishora Guggulu)। यह केवल एक …
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अजवाइन इतनी उपयोगी!

प्रस्तावना रसोई का यह छोटा-सा बीज — अजवाइन — रसोई, मुँह साफ करने या घरेलू औषधि के रूप में सबको परिचित है। इसका प्रयोग तात्कालिक उपचार और पुराने तथा जिद्दी रोगों में बहुत उपयोगी है। यह वातनाशक, दर्दनाशक, कफघ्न और कृमिनाशक है। अजवाइन के घरेलू उपयोग और विधियाँ सिरदर्द / ज़ुकाम सर्दियों और बरसात में …
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