सर्दी की देखभाल: ठंड के मौसम में क्या ध्यान रखें (आयुर्वेद)

जय धन्वंतरि! धन्वंतरि त्रयोदशी (धनतेरस) की आपको स्वास्थ्यमय हार्दिक शुभकामनाएं!

आयुर्वेद टिप्स:

  • ❄ कश्मीर में हुई भारी बर्फबारी के कारण अचानक शुरू हुई ठंड से जिन्हें सर्दी/खांसी/सांस/एलर्जी की तकलीफ है, तथा आमवात/संधिवात/जोड़ों की समस्या वाले लोगों, बच्चों और बुजुर्गों को निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना चाहिए।
  • ☸ जिन्हें सर्दी आदि की तकलीफ रहती है, उन्हें अभी तुरंत असर दिखेगा, इसलिए गरम कपड़े, टोपी, मफलर का उपयोग सुबह जल्दी और रात में शुरू कर देना चाहिए।
  • ☸ ठंडा पानी, ठंडे पेय पदार्थ, आइसक्रीम, फ्रिज में रखी चीज़ें और बासी भोजन बंद करके दिन में एक बार गुनगुना पानी पीने की आदत डालें। गरम पानी में नमक और हल्दी डालकर गरारे करें।
  • ☸ दिवाली के इन दिनों में पटाखों और उनके प्रदूषण से दूर रहें, और यथासंभव शाम 7 बजे के बाद बाहर न निकलें, निकलें तो मास्क पहनें।
  • ☸ मिठाई और तली हुई चीज़ें न खाएं।
  • ☸ तुलसी के पत्ते, अदरक और काली मिर्च को मिलाकर शहद के साथ लें। हल्दी वाला गरम दूध पिएं। सितोपलादि चूर्ण शहद के साथ चाटें।
  • ☸ छोटे बच्चों के लिए बालचतुर्भद्र सिरप और आयुर्वेदिक कफ सिरप शुरू कर दें।
  • ☸ छाती पर सेक करें और भाप लें (नस्य)। नाक में अणु तेल या गाय के घी की बूंदें डालें।
  • ☸ आमवात/संधिवात (जोड़ों की तकलीफ) वालों को अचानक दर्द शुरू हो सकता है, ऐसे में गरम थैली या गरम रेत का सेक शुरू कर दें।
  • ☸ सुबह गरम कपड़े पहनकर मॉर्निंग वॉक और प्राणायाम करें, हल्का व्यायाम जारी रखें।
  • ☸ यदि आपने अपनी आयुर्वेदिक दवाइयां बंद कर रखी हैं, तो अभी कुछ समय के लिए फिर से शुरू कर दें।
  • ☸ दिन में न सोएं। खट्टा और बासी भोजन न लें।
  • ☸ आमवात के रोगी सोंठ के काढ़े में थोड़ा अरंडी का तेल मिलाकर प्रतिदिन पिएं।
सर्दी-खांसी वाले लोगों को सर्दियों में क्या ध्यान रखना चाहिए?

सुबह जल्दी और रात में गरम कपड़े, टोपी, मफलर का उपयोग शुरू करें, तथा ठंडा पानी, ठंडे पेय पदार्थ, आइसक्रीम और बासी भोजन बंद करें।

सर्दियों में कैसा आहार टालना चाहिए?

मिठाई और तली हुई चीज़ों से बचें, और फ्रिज की ठंडी चीज़ों की बजाय गुनगुना पानी पिएं।

सर्दियों में रोगप्रतिकारक शक्ति बढ़ाने के लिए क्या लेना चाहिए?

तुलसी के पत्ते, अदरक और काली मिर्च को शहद के साथ लें, हल्दी वाला गरम दूध पिएं, और सितोपलादि चूर्ण शहद के साथ चाटें।

सर्दियों में गले की तकलीफ के लिए क्या करें?

गरम पानी में नमक और हल्दी डालकर गरारे करने से गले की तकलीफ में राहत मिलती है।

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वैद्य निकुल पटेल (बी.ए.एम.एस.)

आयुर्वेद कंसल्टेंट
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अथर्व आयुर्वेद क्लिनिक और पंचकर्म सेंटर
307, तीसरी मंजिल, शालिन कॉम्प्लेक्स, फरकी लस्सी के ऊपर, कृष्णबाग चार रास्ता, मणिनगर, अहमदाबाद – 380008
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महत्वपूर्ण सूचना: इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है, और यह किसी भी रोग के निदान या चिकित्सा उपचार का विकल्प नहीं है। कृपया कोई भी उपचार शुरू करने से पहले किसी विशेषज्ञ आयुर्वेदिक वैद्य की सलाह अवश्य लें।

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