हमेशा हितकारी धनिया

धनिया केवल रसोई का मसाला नहीं है। आयुर्वेद में इसे दीपन, पाचन, रोचक और ग्राहि गुणों वाला द्रव्य बताया गया है। हरे और सूखे धनिया के गुणों में महत्वपूर्ण अंतर भी समझना आवश्यक है।

हमेशा सेवन करने योग्य धनिया — आयुर्वेद में धान्यक का महत्व

धनिया केवल भोजन का स्वाद और सुगंध बढ़ाने वाला पदार्थ नहीं है। आयुर्वेद में धान्यक को पाचन, दाह, तृष्णा, रुचि और मूत्रल गुणों से जोड़ा गया है।