पान-मसाला हानिकारक है? आयुर्वेद में ताम्बूल, सुपारी और पान के बारे में क्या कहा गया है?

नागरवेल का पान, पारंपरिक ताम्बूल और आधुनिक पान-मसाला एक समान नहीं हैं। आयुर्वेदीय ग्रंथों के आधार पर ताम्बूल के गुण, निषेध, मात्रा और उचित उपयोग को समझें।

शरद ऋतुचर्या: आज के समय में आयुर्वेद के अनुसार कैसे अपनाएँ?

शरद ऋतु में आयुर्वेद पित्त के प्रकोप को ध्यान में रखते हुए हल्के और पित्त के अनुकूल आहार, नियमित नींद और संतुलित दैनिक जीवनशैली का महत्व बताता है।

हमेशा सेवन करने योग्य धनिया — आयुर्वेद में धान्यक का महत्व

धनिया केवल भोजन का स्वाद और सुगंध बढ़ाने वाला पदार्थ नहीं है। आयुर्वेद में धान्यक को पाचन, दाह, तृष्णा, रुचि और मूत्रल गुणों से जोड़ा गया है।

मूली किसे खानी चाहिए और किसे नहीं? — आयुर्वेद की दृष्टि से

आयुर्वेद में मूली के कोमल, परिपक्व, कच्चे और पके हुए रूपों को अलग-अलग समझाया गया है। जानिए मूली किसे अनुकूल है, किसे सावधानी रखनी चाहिए और इसे किस प्रकार लेना उचित है।