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English: Chyavanprash: A Complete Health Tonic Made from Fresh Amla and Nearly 50 Herbs
ગુજરાતી: તાજા આમળાં અને 50 જેટલા ઔષધોથી પરિપૂર્ણ સ્વાસ્થ્ય ટોનિક – ચ્યવનપ્રાશ
च्यवनप्राश — एक रसायन:
“यत् जरा-व्याधि नाशनम्, तद् रसायनम्” — जो वृद्धावस्था और रोग का नाश करे, उसे रसायन (कायाकल्प करने वाली) औषधि कहते हैं।
अर्थात, च्यवनप्राश का नियमित सेवन बुढ़ापे को आने से रोकने में मदद करता है।
च्यवनप्राश एक एंटी-एजिंग रसायन के रूप में:
- यह वृद्धावस्था से जुड़ी कमजोरी दूर करके शक्ति और जोश देता है। इसका मतलब यह नहीं कि आप अचानक फिर से जवान हो जाएंगे, बाल काले हो जाएंगे और वही जवानी की ताकत वापस आ जाएगी — बल्कि च्यवनप्राश का नियमित सेवन निश्चित रूप से स्वास्थ्य लाभ देता है और शरीर को बुढ़ापे की ओर बढ़ने से रोकता है।
- यह उम्र बढ़ने के कारण कमजोर होती जा रही इंद्रियों जैसे आंखों की देखने की क्षमता, कानों की सुनने की क्षमता आदि को कमजोर होने से रोकता है और उसे दूर धकेलता है।
- यह पाचन शक्ति को मजबूत बनाकर शरीर को अधिक ऊर्जा देता है।
- यह ओज, बल, कांति, तेज और शुक्र (प्रजनन शक्ति) को बढ़ाता है।
- जिनका वजन नहीं बढ़ता, उन्हें यह पुष्ट करता है।
- यह स्मृति (याददाश्त) बढ़ाता है।
- यह शरीर की हर कोशिका, इंद्रिय और अंग को पोषण देता है।
- यह वात, पित्त और कफ — तीनों दोषों को संतुलित अवस्था में लाता है।
- यह त्वचा के रंग-चमक, बालों की मात्रा-चमक और रंग को सुधारता है।
- यह रोगप्रतिकारक क्षमता (इम्यूनिटी) बढ़ाता है और मनोबल-धैर्य जैसी मानसिक शक्ति को भी बढ़ाता है।
- यह शरीर की सातों धातुओं का उचित पोषण करते हुए अंत में शुक्र धातु का भी पोषण करता है।
- कम शुक्राणु संख्या और कामशक्ति की कमी के लिए भी यह नियमित सेवन योग्य रसायन है।
- महिलाओं के विभिन्न रोगों में और कमजोरी की अवस्था में, साथ ही मासिक धर्म संबंधी समस्याओं में भी यह एक उत्तम टॉनिक है।
- पाचन शक्ति सुधारने के कारण यह लंबे समय में पुरानी कब्ज को भी मिटाता है।
- यह शरीर की मांसपेशियों और स्नायुओं को मजबूती देने का काम करता है।
- चने-मुरमुरे की तरह खाई जाने वाली मल्टीविटामिन की गोलियों और प्रोटीन पाउडर की तुलना में यह कहीं बेहतर परिणाम देने वाला रसायन है।
- लंबी बीमारी या बड़ी सर्जरी के बाद आई कमजोरी में च्यवनप्राश का सेवन बहुत लाभदायक है।
- छोटे बच्चे, बुजुर्ग, महिलाएं, विद्यार्थी — सभी के लिए यह एक उत्तम रसायन है।
- च्यवनप्राश में मौजूद जड़ी-बूटियों के कारण यह सांस की तकलीफ, खांसी, फेफड़ों के रोगों तथा इम्यूनिटी बढ़ाने में बहुत प्रभावी औषधि है।
- च्यवनप्राश ताज़े आंवले से बनता है, इसलिए इसे केवल सर्दियों में ही तैयार किया जा सकता है, परंतु इसे साल के किसी भी मौसम में लिया जा सकता है।
- तंबाकू, सिगरेट या अन्य किसी नशे के कारण जिनका शरीर बिगड़ गया है, उनके लिए यह शरीर की मरम्मत करने वाली औषधि है।
सेवन करने की विधि:
- प्रतिदिन एक से दो बड़े चम्मच सुबह खाली पेट लें। आंवले की खटास के कारण इसके बाद लगभग एक घंटे तक दूध न पिएं या दूध के साथ न लें।
- इसे रोटी के साथ या जैम के रूप में भी लिया जा सकता है।
- इसे साल भर नियमित रूप से लिया जा सकता है, तथा किसी भी स्थिति या बीमारी में वैद्य की सलाह अनुसार लिया जा सकता है।
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500 ग्राम पैक — ₹230
1 किलो पैक — ₹430
च्यवनप्राश गोल्ड – 500 ग्राम — ₹430
च्यवनप्राश गोल्ड – 1 किलो — ₹800
च्यवनप्राश क्या है?
च्यवनप्राश ताज़े आंवले और लगभग 50 जड़ी-बूटियों से बना एक पारंपरिक आयुर्वेदिक रसायन (स्वास्थ्य टॉनिक) है, जो वृद्धावस्था और रोगों को दूर रखने में मदद करता है।
च्यवनप्राश के मुख्य फायदे क्या हैं?
यह पाचन शक्ति मजबूत बनाता है, ओज-बल-कांति-तेज बढ़ाता है, कमजोर होती इंद्रियों (आंख, कान आदि) की रक्षा करता है, और नियमित सेवन से शरीर को बुढ़ापे की ओर बढ़ने से रोकता है।
च्यवनप्राश कैसे और कब लेना चाहिए?
प्रतिदिन सुबह खाली पेट एक से दो बड़े चम्मच लें। इसे रोटी के साथ या जैम के रूप में भी लिया जा सकता है, और इसे साल भर नियमित रूप से लिया जा सकता है।
च्यवनप्राश के बाद दूध क्यों नहीं लेना चाहिए?
आंवले की खटास के कारण च्यवनप्राश लेने के लगभग एक घंटे बाद तक दूध नहीं पीना चाहिए या दूध के साथ नहीं लेना चाहिए, ताकि पाचन में कोई परेशानी न हो।
च्यवनप्राश कौन ले सकता है?
स्वस्थ व्यक्ति के अतिरिक्त, किसी भी स्थिति या बीमारी में भी विशेषज्ञ वैद्य की सलाह अनुसार च्यवनप्राश लिया जा सकता है।
वैद्य निकुल पटेल (बी.ए.एम.एस.)
307, तीसरी मंजिल, शालिन कॉम्प्लेक्स, फरकी लस्सी के ऊपर, कृष्णबाग चार रास्ता, मणिनगर, अहमदाबाद – 380008
समय: सुबह 10:00 से 1:00 और दोपहर 3:00 से 6:30 | शनि–रवि: बंद
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पाठकों ने पूछा
- मेरी आयु ८२ वर्ष, जरा सी ठंढ से बुखार तथा बार बार मूत्र त्याग और रात में पेशाब होने की बीमारी है
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- વધતી ઉંમરને કારણે થતી સમસ્યાઓ જેવી કે શ્વાસ ચડવો, પેશાબની તકલીફ, સાંધાનો દુઃખાવો, ઊંઘ ન આવવી
- વાળ સફેદ થવાની સમસ્યા