न्यूराल्जिया (नाड़ी शूल / नाड़ी वेदना) – आयुर्वेदिक दृष्टिकोण से

Share with:


Share with:🩺 न्यूराल्जिया (नाड़ी शूल / नाड़ी वेदना) – आयुर्वेदिक दृष्टिकोण से परिचय न्यूराल्जिया एक प्रकार का नाड़ी संबंधी तीव्र दर्द (Nerve Pain) है, जिसमें दर्द अचानक, चुभने वाला, या बिजली के झटके जैसा महसूस होता है। यह तब होता है जब कोई नाड़ी (nerve) दब जाती है, सूजन आ जाती है या उसमें विकार …
Continue reading न्यूराल्जिया (नाड़ी शूल / नाड़ी वेदना) – आयुर्वेदिक दृष्टिकोण से

अजवाइन इतनी उपयोगी!

Share with:


Share with:प्रस्तावना रसोई का यह छोटा-सा बीज — अजवाइन — रसोई, मुँह साफ करने या घरेलू औषधि के रूप में सबको परिचित है। इसका प्रयोग तात्कालिक उपचार और पुराने तथा जिद्दी रोगों में बहुत उपयोगी है। यह वातनाशक, दर्दनाशक, कफघ्न और कृमिनाशक है। अजवाइन के घरेलू उपयोग और विधियाँ सिरदर्द / ज़ुकाम सर्दियों और बरसात …
Continue reading अजवाइन इतनी उपयोगी!

अजीर्ण – अपचन (Ajirna – Indigestion)

Share with:


Share with:अजीर्ण इन दिनों बहुत आम है। शहरी जीवन शैली और आधुनिक जीवन शैली इसका प्रमुख कारण है। आज की दुनिया में जब शारीरिक श्रम बहुत दुर्लभ है, साथ ही सुख भी भरपूर है और जीवन शैली काफी अनियमित हो गई है, पाचन तंत्र के लिए अपनी स्थिति बनाए रखना कभी भी संभव नहीं होता …
Continue reading अजीर्ण – अपचन (Ajirna – Indigestion)

कुछ घरेलु नुस्खे – आयुर्वेद से (5)

Share with:


Share with:Embed from Getty Images कब्ज –  हर्रे का चूर्ण अपने हिसाब से रात को या सुबह – सुबह में गरम पानी के साथ लेना चाहिये। पीलिया – कोमल मूली खिलाना चाहिये। कर्णरोग – बहरापन, कान से पूय निकलना , कान में आवाज आना, कानमें खुजली होना ऐसे कान के रोगोमें रात को सरसों के …
Continue reading कुछ घरेलु नुस्खे – आयुर्वेद से (5)

कुछ घरेलु नुस्खे – आयुर्वेद से (4)

Share with:


Share with:Embed from Getty Images खांसी – कटेरी का काढा बनाकर ठंडा होने पर उसमे शहद मिलाकर पीना चाहिये । मूत्रदाह – गर्मी के दिनों में होने वाले पेशाब मे जलने के समय घी, शक्कर के साथ ईलायची का चूर्ण – चन्द्रकला रस की एक गोली के साथ दिन में तीन-चार बार चाटना चाहिये। ऊरःक्षत …
Continue reading कुछ घरेलु नुस्खे – आयुर्वेद से (4)

कुछ घरेलु नुस्खे – आयुर्वेद से (3)

Share with:


Share with:Embed from Getty Images आर्तवदोष – मासिकधर्म सही न आने पर, मासिक धर्म देरी से आने पर या कम मात्रा में आने पर १० मिलि मात्रा मे कुमारी आसव दो बार थोडा गरम पानी मिलाकर लेना चाहिए । मिर्गी – शुध्ध किया हुआ सुहागा १ से २ ग्राम शहद के साथ या गर्म जल …
Continue reading कुछ घरेलु नुस्खे – आयुर्वेद से (3)

कुछ घरेलु नुस्खे – आयुर्वेद से (2)

Share with:


Share with:Embed from Getty Images अरुचि (खाने में रुचि न होना) – भोजन के समय भूख न लगने पर सैंधा नमक के साथ बिजौरा निम्बू की चटनी बनाकर खाये या अदरख के टुकडो में निम्बू और सैंधा नमक मिलाकर भोजन के पहले लेना रखे। अलसक – पूरानी कब्ज – जहां पर आंतो में पूराना मल …
Continue reading कुछ घरेलु नुस्खे – आयुर्वेद से (2)

कुछ घरेलु नुस्खे – आयुर्वेद से (1)

Share with:


Share with:Embed from Getty Images   1. अपचन   –      हर्रे का ताजा चूर्ण रोज सुबह रातको एक – एक चम्म्च पानी के साथ लेना। 2. दस्त – अतिसार– दस्त होने पर खाना बंध करके, एक एक चम्म्च सोंठ का चूर्ण हर दो घंटे पर छाछ ले साथ मिलाकर पीते रहना चाहिए। उसमें थोडा जीरा भी …
Continue reading कुछ घरेलु नुस्खे – आयुर्वेद से (1)

सुवर्णप्राशन पुष्य नक्षत्र तिथि

Share with:


Share with: Suvarnaprashan by Dr Nikul Patel अगले पुष्यनक्षत्र की तिथियों से पहले अपने सुवर्णप्राशन बुक करें सुवर्णप्राशन बनाने की अगली तारीख यहाँ है और इन दिनों आप अपने बच्चे को लाकर सुवर्णप्राशन शिविर में ला सकते हैं। इन तिथियों से पहले ऑर्डर बुक करके, आप अपने बच्चे के लिए सुवर्णप्रधान का लाभ प्राप्त कर …
Continue reading सुवर्णप्राशन पुष्य नक्षत्र तिथि

षोडश संस्कार – आयुर्वेद और अध्यात्म का समन्वय

Share with:


Share with:Embed from Getty Images भारतीय संस्कृतिमें आदर्श समाजजीवन वह उसके नींव में है।  आदर्श पुरुष, आदर्श परिवार एवं आदर्श समाज के साथ साथ हमारे सांस्कृतिक मूल्यो का आविष्कार पीढीयों तक हो उसके लिये हमारी भारतीय संस्कृति जाग्रत है । आदर्श भारतीय जीवन प्रणाली के पीछे राम-कृष्ण जैसे अवतार और मनु से लेकर वशिष्ठ, वाल्मिकि, …
Continue reading षोडश संस्कार – आयुर्वेद और अध्यात्म का समन्वय