सोंठ यानी सूखी अदरक का आयुर्वेद में पारंपरिक महत्व है। जानिए इसके गुण, पाचन संबंधी उपयोग, सावधानियाँ और वे स्थितियाँ जिनमें चिकित्सकीय सलाह आवश्यक है।
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आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों, औषधियों और पारंपरिक आयुर्वेदिक योगों के गुण, उपयोग, लाभ, सावधानियों और चिकित्सकीय दृष्टिकोण से संबंधित जानकारी।
सौंफ — रसोई का सुगंधित द्रव्य, पाचन का पारंपरिक साथी
सौंफ केवल मुखवास नहीं, बल्कि भारतीय आहार-परंपरा का एक परिचित सुगंधित द्रव्य है। जानिए इसके पारंपरिक उपयोग, पाचन से संबंध और सेवन में आवश्यक सावधानियाँ।
मेथी में छिपे हैं इतने सारे गुण! — आयुर्वेद की दृष्टि से मेथी के लाभ, उपयोग और सावधानियाँ
मेथी केवल रसोई का मसाला नहीं है। भावप्रकाश निघण्टु में वर्णित इसके दीपन, वातशमन और कफघ्न गुणों, दैनिक उपयोग तथा आवश्यक सावधानियों को सरल हिंदी में समझें।
लौंग के आयुर्वेदिक गुण, उपयोग और सावधानियाँ
लौंग केवल रसोई का मसाला नहीं है। जानिए इसके पारंपरिक आयुर्वेदिक गुण, पाचन और मुखस्वास्थ्य में उपयोग, लौंग के तेल से जुड़ी सावधानियाँ और शास्त्रीय संदर्भ।
लहसुन किसे नहीं खाना चाहिए? आयुर्वेद में लहसुन के गुण, लाभ और सावधानियाँ
आयुर्वेद में लहसुन को उष्ण, तीक्ष्ण और वात-कफ को संतुलित करने में सहायक द्रव्य माना गया है। जानिए किन परिस्थितियों में सावधानी रखनी चाहिए और इसका सेवन कैसे समझदारी से करें।
सदा पथ्य सेंधा नमक — रसोई का साधारण पदार्थ, आयुर्वेद की विशेष दृष्टि
आयुर्वेद में सेंधा नमक को विशेष स्थान दिया गया है। चरक और सुश्रुत संहिता के संदर्भों के साथ इसके गुण, उचित उपयोग, सेवन की सीमा और आवश्यक सावधानियों को समझें।
हजारों रोगों में उपयोगी हींग — रसोई का तीक्ष्ण और गुणकारी द्रव्य
हींग रसोई का सुगंधित द्रव्य होने के साथ आयुर्वेद में दीपन, पाचन और वातशामक गुणों के लिए जानी जाती है। जानिए इसके शास्त्रीय संदर्भ, पारंपरिक उपयोग, आहार और सुरक्षा संबंधी आवश्यक सावधानियाँ।
काली मिर्च के बारे में जानने योग्य बातें
काली मिर्च केवल रसोई का मसाला नहीं, बल्कि आयुर्वेद में दीपन, कफशमन और शूलप्रशमन के लिए महत्वपूर्ण तीक्ष्ण-उष्ण द्रव्य है। इसके गुण, उपयोग, शास्त्रीय योग और सावधानियाँ जानें।
नमक आहार के रूप में और औषधि के रूप में — लवण रस के गुण, उपयोग और नुकसान
नमक या लवण रस आयुर्वेद में केवल स्वाद के लिए नहीं, बल्कि उचित संदर्भ में औषधीय उपयोग वाला द्रव्य भी माना जाता है। जानें इसके गुण, उपयोग और अधिक सेवन के नुकसान।
जानिए, थोड़ा-सा जायफल–जावित्री के बारे में
जायफल और जावित्री केवल मिठाइयों की सुगंध बढ़ाने वाले मसाले नहीं हैं। आयुर्वेद में जातिफल को दीपन, ग्राहि और उष्ण गुणों वाला द्रव्य बताया गया है।