गर्भधारण से पहले पंचकर्म की आवश्यकता — स्त्री और पुरुष दोनों के लिए आयुर्वेदिक तैयारी

गर्भधारण से पहले पंचकर्म हर दंपती के लिए आवश्यक नहीं है। जानिए उचित व्यक्ति में पंचकर्म, शरीरशुद्धि, स्त्री के अंडाणु और पुरुष के शुक्राणुओं के स्वास्थ्य तथा आयुर्वेदिक पूर्वतैयारी का महत्व।

गर्भ संस्कार

जो दंपति बच्चे की योजना बना रहे हैं, उनके लिए गर्भ संस्कार के बारे में जानना आवश्यक है — जो भारतीय संस्कृति के सोलह संस्कारों में से एक है। इसके माध्यम से दंपति अपने बच्चे को इस प्रकार प्राप्त कर सकते हैं: शारीरिक बनावट में श्रेष्ठ — जैसे उत्तम रोग प्रतिरोधक क्षमता, कोई विकृति न …
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षोडश संस्कार – आयुर्वेद और अध्यात्म का समन्वय

Embed from Getty Images भारतीय संस्कृतिमें आदर्श समाजजीवन वह उसके नींव में है।  आदर्श पुरुष, आदर्श परिवार एवं आदर्श समाज के साथ साथ हमारे सांस्कृतिक मूल्यो का आविष्कार पीढीयों तक हो उसके लिये हमारी भारतीय संस्कृति जाग्रत है । आदर्श भारतीय जीवन प्रणाली के पीछे राम-कृष्ण जैसे अवतार और मनु से लेकर वशिष्ठ, वाल्मिकि, पराशर, …
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संस्कार का हेतु क्या है – षोडश संस्कार (२)

Embed from Getty Images मनुष्यजीवन अति मूल्यवान है। हमें पशु- पक्षी योनिमें के बदले मनुष्य जन्म मिला है यह हमारा सौभाग्य है। हमारी भारतीय संस्कृति- वैदिक संस्कृति मानती है कि सेंकडो जन्मो के बाद यह मनुष्य देह मिलता है। इस मनुष्य जन्म के साथ साथ भगवान, समाज, कुटुंब, निसर्ग आदि की हमारी और से कुछ …
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