कुछ घरेलु नुस्खे – आयुर्वेद से (21)

  1. हर्निया – अरंडी के तेल का आंतरिक और बाहरी दोनों तरह से उपयोग करें।
  2. फोड़े – नीम के पत्तों को उबालकर पानी बनाएं और फोड़ों को धोने के लिए उपयोग करें। प्रभावित हिस्से को नीम पत्तों के धुएं से सेकें। त्रिफ़ला गुग्गुल 2 गोली नीम पत्तों के रस के साथ दिन में दो बार लें।
  3. मिर्गी (एपिलेप्सी) – ब्रह्मी घृत 10 मिली रोज़़ दें और इसे रोज़़ नस्य के रूप में भी उपयोग करें। मिर्गी एक गंभीर तंत्रिका संबंधी स्थिति है — योग्य डॉक्टर की देखरेख में ही इसका उपचार करवाएं, यह उपाय केवल सहायक है, विकल्प नहीं।
  4. वात ज्वर – वात (आयुर्वेद के अनुसार वायु) के कारण होने वाले बुखार में आमतौर पर शरीर में गंभीर दर्द होता है, इस स्थिति में सोंठ का काफ़ा दिन में तीन बार दें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

हर्निया के लिए घरेलू उपाय क्या है?

अरंडी के तेल का आंतरिक और बाहरी दोनों तरह से उपयोग किया जाता है।

फोड़ों के लिए घरेलू उपाय क्या है?

नीम के पत्तों को उबालकर पानी बनाएं और फोड़ों को धोएं। त्रिफ़ला गुग्गुल 2 गोली नीम पत्तों के रस के साथ दिन में दो बार दी जाती है।

मिर्गी (एपिलेप्सी) के लिए क्या उपाय है?

ब्रह्मी घृत 10 मिली रोज़़ दिया जाता है और इसे रोज़़ नस्य के रूप में भी उपयोग किया जाता है। मिर्गी एक गंभीर तंत्रिका संबंधी स्थिति है और योग्य डॉक्टर की देखरेख में ही इसका उपचार करवाना चाहिए।

वात ज्वर के लिए घरेलू उपाय क्या है?

वात के कारण होने वाले बुखार में, जिसमें आमतौर पर शरीर में गंभीर दर्द होता है, सोंठ का काफ़ा दिन में तीन बार दिया जाता है।

VN

वैद्य निकुल पटेल (बी.ए.एम.एस.)

आयुर्वेद कंसल्टेंट
Atharva Ayurveda Clinic Logo
अथर्व आयुर्वेद क्लिनिक और पंचकर्म सेंटर
307, तीसरी मंजिल, शालिन कॉम्प्लेक्स, फरकी लस्सी के ऊपर, कृष्णबाग चार रास्ता, मणिनगर, अहमदाबाद – 380008
समय: सुबह 10:00 से 1:00 और दोपहर 3:00 से 6:30 | शनि–रवि: बंद
📍 क्लिनिक का Location — Google Maps
आयुर्वेद वेबसाइट्स: Hindi Website | Hindi Q&A
Social Media: YouTube Facebook Instagram X
Telegram Channels: ગુજરાતી हिंदी English
Arattai: Ayurveda

महत्वपूर्ण सूचना: इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है, और यह किसी भी रोग के निदान या चिकित्सा उपचार का विकल्प नहीं है। कृपया कोई भी उपचार शुरू करने से पहले किसी विशेषज्ञ आयुर्वेदिक वैद्य की सलाह अवश्य लें।

Keep Reading

PreviousNext