- मलेरिया – लंबे समय तक लगातार शहद के साथ हरड़ चूर्ण लें। मलेरिया एक गंभीर संक्रामक बीमारी है — डॉक्टर से जांच व उपचार अवश्य करवाएं, यह उपाय केवल सहायक है।
- त्वचा रोग – नीम पत्तों का रस आंतरिक रूप से पिएं और स्नान के लिए बाहरी रूप से उपयोग करें।
- रक्तपित्त (रक्तस्रावी विकार) – ताफ़ी वासा (अडूसा) पत्तों का रस 20 मिली दिन में तीन बार लेने से शरीर के किसी भी हिस्से (मुंह, नाक आदि) से हो रहे रक्तस्राव को रोकने में बड़ी मदद मिलती है।
- रक्तस्रावी बवासीर – इंद्रयव चूर्ण 2 ग्राम छाछ के साथ दिन में तीन बार लें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
मलेरिया के लिए घरेलू उपाय क्या है?
लंबे समय तक लगातार शहद के साथ हरड़ चूर्ण दिया जाता है। मलेरिया एक गंभीर संक्रामक बीमारी है — डॉक्टर से जांच व उपचार अवश्य करवाएं, यह उपाय केवल सहायक है।
त्वचा रोगों के लिए घरेलू उपाय क्या है?
नीम पत्तों का रस आंतरिक रूप से पिया जाता है और स्नान के लिए बाहरी रूप से उपयोग किया जाता है।
रक्तपित्त (रक्तस्रावी विकार) के लिए घरेलू उपाय क्या है?
ताफ़ी वासा (अडूसा) पत्तों का रस 20 मिली दिन में तीन बार लेने से शरीर के किसी भी हिस्से से हो रहे रक्तस्राव को रोकने में मदद मिलती है।
रक्तस्रावी बवासीर के लिए घरेलू उपाय क्या है?
इंद्रयव चूर्ण 2 ग्राम छाछ के साथ दिन में तीन बार दिया जाता है।
VN
वैद्य निकुल पटेल (बी.ए.एम.एस.)
आयुर्वेद कंसल्टेंट
अथर्व आयुर्वेद क्लिनिक और पंचकर्म सेंटर
307, तीसरी मंजिल, शालिन कॉम्प्लेक्स, फरकी लस्सी के ऊपर, कृष्णबाग चार रास्ता, मणिनगर, अहमदाबाद – 380008
समय: सुबह 10:00 से 1:00 और दोपहर 3:00 से 6:30 | शनि–रवि: बंद
📍 क्लिनिक का Location — Google Maps
307, तीसरी मंजिल, शालिन कॉम्प्लेक्स, फरकी लस्सी के ऊपर, कृष्णबाग चार रास्ता, मणिनगर, अहमदाबाद – 380008
समय: सुबह 10:00 से 1:00 और दोपहर 3:00 से 6:30 | शनि–रवि: बंद
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Arattai:
Ayurveda
महत्वपूर्ण सूचना: इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है, और यह किसी भी रोग के निदान या चिकित्सा उपचार का विकल्प नहीं है। कृपया कोई भी उपचार शुरू करने से पहले किसी विशेषज्ञ आयुर्वेदिक वैद्य की सलाह अवश्य लें।