आयुर्वेद में वर्षा ऋतु के दौरान अग्नि और वातदोष की स्थिति को ध्यान में रखते हुए आहार-विहार अपनाने की सलाह दी जाती है। जानें आषाढ़ में अदरक के सेवन का महत्व और सही तरीका।
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हमेशा सेवन करने योग्य धनिया — आयुर्वेद में धान्यक का महत्व
धनिया केवल भोजन का स्वाद और सुगंध बढ़ाने वाला पदार्थ नहीं है। आयुर्वेद में धान्यक को पाचन, दाह, तृष्णा, रुचि और मूत्रल गुणों से जोड़ा गया है।
राई (Black Mustard Seed) के औषधीय गुण और उपयोग
दाल, सब्जी और अचार में रोज इस्तेमाल होने वाली राई का स्वाद वैसे किसी को भी पसंद नहीं आता, फिर भी इसके बिना काम नहीं चलता। भारतीय पारंपरिक आहार पद्धति का अभिन्न अंग होने के साथ-साथ राई अपने औषधीय गुणों के कारण भी अपनी अलग पहचान रखती है। डेढ़-दो फुट ऊँचा राई का पौधा फूल …
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