कुछ घरेलु नुस्खे – आयुर्वेद से (7)

  1. ल्यूकोडर्मा (त्वचा के सफेद दाग) – सभी प्रकार के त्वचा रोगों में महामंजिष्ठादि क्वाथ 10 मिली दिन में दो बार लें और खदिर (कत्था) चूर्ण का आंतरिक और बाहरी दोनों तरह से उपयोग करें।
  2. हैज़ा (कॉलरा) – खूब नींबू का शरबत पीते रहें और संजीवनी वटी 2 गोली दिन में दो बार लें। हैज़ा एक गंभीर संक्रामक रोग है — तुरंत डॉक्टर से उपचार करवाएं, यह उपाय केवल सहायक है।
  3. क्षय रोग (टीबी) – टीबी की किसी भी अवस्था में नियमित उचित दवा के साथ दूध, मक्खन, घी और बकरे का मांस लिया जा सकता है। टीबी का इलाज हमेशा डॉक्टर की देखरेख में ही करवाएं।
  4. एक्जिमा – नीम के उबले पत्तों का बाहरी प्रयोग करें और नीम पत्तों का रस 10 मिली दिन में दो बार लें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

ल्यूकोडर्मा (त्वचा के सफेद दाग) के लिए घरेलू उपाय क्या है?

सभी प्रकार के त्वचा रोगों में महामंजिष्ठादि क्वाथ 10 मिली दिन में दो बार लें और खदिर (कत्था) चूर्ण का आंतरिक और बाहरी दोनों तरह से उपयोग करें।

हैज़ा (कॉलरा) के लिए घरेलू उपाय क्या है?

खूब नींबू का शरबत पीते रहें और संजीवनी वटी 2 गोली दिन में दो बार लें। हैज़ा एक गंभीर संक्रामक रोग है, इसलिए तुरंत डॉक्टर से उपचार करवाना ज़रूरी है — यह उपाय केवल सहायक है, विकल्प नहीं।

क्षय रोग (टीबी) में क्या सलाह दी गई है?

टीबी की किसी भी अवस्था में, डॉक्टर की नियमित दवा के साथ, दूध, मक्खन, घी और बकरे का मांस लिया जा सकता है। टीबी का उपचार हमेशा डॉक्टर की देखरेख में ही करवाएं।

एक्जिमा के लिए घरेलू उपाय क्या है?

नीम के उबले पत्तों का बाहरी प्रयोग करें और नीम पत्तों का रस 10 मिली दिन में दो बार लें।

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वैद्य निकुल पटेल (बी.ए.एम.एस.)

आयुर्वेद कंसल्टेंट
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महत्वपूर्ण सूचना: इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है, और यह किसी भी रोग के निदान या चिकित्सा उपचार का विकल्प नहीं है। कृपया कोई भी उपचार शुरू करने से पहले किसी विशेषज्ञ आयुर्वेदिक वैद्य की सलाह अवश्य लें।

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