एसिडिटी (अम्लपित्त): कारण, लक्षण और आयुर्वेदिक उपचार

कारण आहार-विहार के नियमों का उल्लंघन मानसिक तनाव रात को देर तक जागना अधिक तीखा-तला हुआ और फरसाण (नमकीन) खाने की आदत बासी भोजन अत्यधिक एलोपैथिक दवाओं का सेवन लक्षण पेट में जलन छाती में जलन सिरदर्द अक्सर गले में जलन खट्टी-तीखी डकारें उल्टी होना नींद न आना दर्द निवारक दवा से भी सिरदर्द ठीक …
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बांझपन – एक जटिल समस्या (निःसंतानता के ताने से बचें…)

(इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है, और यह किसी भी रोग के निदान या चिकित्सा उपचार का विकल्प नहीं है। कृपया कोई भी उपचार शुरू करने से पहले किसी विशेषज्ञ आयुर्वेदिक वैद्य की सलाह अवश्य लें।) हर दंपति के लिए जीवन का सबसे अनमोल उपहार होता …
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पुरुष – स्त्री बांझपन की चिकित्सा – कारण और आयुर्वेदिक उपचार

हर दंपति के लिए जीवन का सबसे अनमोल उपहार होता है अपनी खुद की संतान। लेकिन जब ऐसे दंपतियों को यह अनमोल उपहार प्राप्त नहीं होता, तो उनके सारे सपने बिखर जाते हैं और जीवन निराशा से घिर जाता है। बांझपन – एक निराशाजनक और भयावह अनुभव है। अक्सर महिलाओं को सामाजिक अवसरों पर रिश्तेदारों …
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स्थौल्य (मोटापा): वजन घटाने के लिए आयुर्वेदिक आहार

आहार तीखा, नमकीन और खट्टा भोजन बहुत कम लें। बासी भोजन न लें। मैदे की वस्तुएं न लें — ब्रेड, बिस्कुट, पाव तथा अन्य बेकरी की वस्तुएं न लें। अचार तथा खमण, ढोकला, हांडवो, इडली, डोसा जैसी खमीरी वस्तुएं न लें। दही, छाछ, नींबू, टमाटर, इमली, कोकम आदि सभी खट्टी वस्तुएं बंद करें। दिन में …
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वजन घटाने (चर्बी घटाने) के लिए आयुर्वेदिक आहार

दिन में सोने से बचें, जल्दी उठें और जल्दी सोएं। कम भोजन लें। सूखा और हल्का आहार लें। शारीरिक और मानसिक गतिविधियों में सक्रिय रहें। तनाव भी वसा (चर्बी) को घटाता है। प्रतिदिन तेज़ सुबह की सैर, दौड़ और व्यायाम करना आवश्यक है। दही, प्याज़, आलू, मिठाइयां और फल, पेय पदार्थ, दूध, घी, उड़द और …
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आयुर्वेद: स्वस्थ जीवन का विज्ञान

आयुर्वेद क्या है? आयुर्वेद, भारत की प्राचीन चिकित्सा पद्धति, दो संस्कृत शब्दों से बना है: “आयु” अर्थात जीवन, और “वेद” अर्थात ज्ञान। इस प्रकार, आयुर्वेद का अर्थ है “जीवन का विज्ञान”। यह समग्र पद्धति मन, शरीर और आत्मा के बीच सामंजस्य बनाए रखकर उत्तम स्वास्थ्य बनाए रखने और रोगों को रोकने पर बल देती है। …
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गर्भ संस्कार

जो दंपति बच्चे की योजना बना रहे हैं, उनके लिए गर्भ संस्कार के बारे में जानना आवश्यक है — जो भारतीय संस्कृति के सोलह संस्कारों में से एक है। इसके माध्यम से दंपति अपने बच्चे को इस प्रकार प्राप्त कर सकते हैं: शारीरिक बनावट में श्रेष्ठ — जैसे उत्तम रोग प्रतिरोधक क्षमता, कोई विकृति न …
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हाई ब्लड प्रेशर – क्या करें और क्या न करें

नमक खाना बंद करें। शारीरिक और मानसिक तनाव से बचें। अत्यधिक चिंतित न हों। तंबाकू, धूम्रपान, शराब, अचार और नमकीन भोजन से बचें। खट्टे, नमकीन और तीखे स्वाद वाले भोजन से बचें। खुशनुमा, सुखद और आरामदायक वातावरण में रहें। नियमित रूप से प्राणायाम करें। हाई ब्लड प्रेशर में शिरोधारा बहुत उपयोगी है। आयुर्वेद के अनुसार …
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स्तन की गांठ आयुर्वेदिक उपचार से ठीक हुई

मैं 42 वर्ष की हूं और 5 साल पहले मेरा गर्भाशय निकलवाया गया था। 2 साल पहले मैंने देखा कि मेरा एक स्तन दूसरे से थोड़ा बड़ा दिखता है। अन्य महिलाओं ने कहा कि यह सभी महिलाओं में सामान्य होता है और इसकी चिंता करने की जरूरत नहीं है। छह महीने पहले मुझे अपने बाएं …
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कुछ घरेलु नुस्खे – आयुर्वेद से (25)

सूजन (एडिमा) – पुनर्नवा का काफ़ा नियमित रूप से लें और रसवंती का गर्म लेप (लेपन कर्म) उस पर लगाएं। लगातार या बिना कारण की सूजन होने पर डॉक्टर से जांच अवश्य करवाएं, क्योंकि यह किसी गंभीर स्थिति का संकेत हो सकती है। फिशर (गुदा दरार) – हरड़ चूर्ण नियमित रूप से छाछ के साथ …
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