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English: Ayurveda Tips – 3
ગુજરાતી: ઘરગથ્થુ આરોગ્યના ઉપાયો… 3
- आर्तवदोष – मासिकधर्म सही न आने पर, मासिक धर्म देरी से आने पर या कम मात्रा में आने पर १० मिलि मात्रा मे कुमारी आसव दो बार थोडा गरम पानी मिलाकर लेना चाहिए ।
- मिर्गी – शुध्ध किया हुआ सुहागा १ से २ ग्राम शहद के साथ या गर्म जल के साथ देना चाहिए।
(सावधानी: मिर्गी एक गंभीर स्नायु संबंधी रोग है — यह उपाय किसी योग्य चिकित्सक की देखरेख में ही अपनाएं, स्वयं से उपचार न करें।)
- बिलनी – आंख के इस समस्या में रसवंती ( रसांजन) का आंख बंद करके उपर गाढा लेप करें और नित्य त्रिफला के चूर्ण का सेवन करें।
- उदरशूल (पेट दर्द) – गेस या अपचन से होने वाले पेट के दर्दमें शिवाक्षारचूर्ण दिन में दो से तीन बार गरम पानी के साथ लेना और पेट के उपर हल्का गरम शेक करना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
आर्तवदोष (मासिक धर्म की अनियमितता) में क्या उपाय है?
मासिक धर्म देरी से या कम मात्रा में आने पर 10 मिली कुमारी आसव को गुनगुने पानी के साथ दिन में दो बार लेना चाहिए।
मिर्गी (एपिलेप्सी) के लिए इस लेख में क्या घरेलू उपाय बताया गया है?
लेख में शुद्ध किए हुए सुहागे को शहद या गर्म पानी के साथ देने का उल्लेख है। मिर्गी एक गंभीर तंत्रिका संबंधी बीमारी है — इसका उपचार केवल योग्य चिकित्सक की देखरेख में ही करें; बिना चिकित्सकीय सलाह के कोई भी घरेलू उपाय अपनाना खतरनाक हो सकता है।
बिलनी (आँख की समस्या) में क्या करना चाहिए?
आँख बंद करके रसवंती (रसांजन) का गाढ़ा लेप ऊपर लगाएं और नियमित त्रिफला चूर्ण का सेवन करें।
पेट दर्द (उदरशूल) में कौन सा उपाय बताया गया है?
गैस या अपचन से होने वाले पेट दर्द में शिवाक्षार चूर्ण दिन में दो-तीन बार गर्म पानी के साथ लें और पेट पर हल्की गर्म सिकाई करें।
वैद्य निकुल पटेल (बी.ए.एम.एस.)
307, तीसरी मंजिल, शालिन कॉम्प्लेक्स, फरकी लस्सी के ऊपर, कृष्णबाग चार रास्ता, मणिनगर, अहमदाबाद – 380008
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