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English: Sthaulya (Obesity): Ayurvedic Diet for Weight Loss
ગુજરાતી: સ્થૌલ્ય – વજન ઘટાડવાની પરેજી
आहार
- तीखा, नमकीन और खट्टा भोजन बहुत कम लें।
- बासी भोजन न लें।
- मैदे की वस्तुएं न लें — ब्रेड, बिस्कुट, पाव तथा अन्य बेकरी की वस्तुएं न लें।
- अचार तथा खमण, ढोकला, हांडवो, इडली, डोसा जैसी खमीरी वस्तुएं न लें।
- दही, छाछ, नींबू, टमाटर, इमली, कोकम आदि सभी खट्टी वस्तुएं बंद करें।
- दिन में न सोएं।
- बाहर के नाश्ते से दूर रहें।
- मेद (चर्बी) जल-महाभूत का ही रूप है, इसलिए अधिक मात्रा में और फ्रिज का ठंडा पानी पीने से शरीर में जल-महाभूत बढ़ता है — इसलिए प्यास लगे उतना ही पानी पिएं। सुबह खाली पेट केवल एक अंजलि (एक हथेली में समाए उतना) पानी शरीर के लिए हितकारी है; अधिक मात्रा में पिया गया पानी जठराग्नि को मंद करता है।
- दिन में सोने और सुबह देर से उठने से वजन बढ़ता है।
- प्रतिदिन सुबह नियमित व्यायाम करें (पसीना आने तक)।
- तेल, घी, चीज़, मक्खन और पनीर से दूर रहें। मिठाई, फ्रिज की वस्तुओं और श्रीखंड से दूर रहें।
- उबले हुए मूंग सबसे अधिक हितकारी हैं। नाश्ते में उबले मूंग, मुरमुरा, खाखरा, धानी और फुल्का रोटी ली जा सकती है।
- शहद का प्रयोग: शहद को कभी नींबू या गरम पानी के साथ न लें। शुद्ध शहद की दो चम्मच मात्रा साधारण मिट्टी के बर्तन के आधा गिलास पानी में मिलाकर रात को रख दें और सुबह पिएं (या सुबह मिलाकर रात को सोते समय पिएं)।
विरुद्ध आहार
- विरुद्ध आहार अधिकांश रोगों का कारण है, इसलिए इससे दूर रहें।
- दूध के साथ कोई भी फल, दही, छाछ, लहसुन, प्याज़, मूली या गुड़, तथा सभी खट्टी वस्तुएं विरुद्ध आहार हैं। दही के साथ गुड़ या मूली भी विरुद्ध आहार है।
- दही वजन बढ़ाने वाला और शरीर की सभी नलिकाओं में अवरोध उत्पन्न करने वाला है, इसलिए रोगी व्यक्ति को इसका सेवन नहीं करना चाहिए।
स्थौल्य (मोटापा) में आहार में क्या टालना चाहिए?
तीखा-नमकीन-खट्टा कम लें, और बासी भोजन, मैदे की वस्तुएं, ब्रेड-बिस्कुट, बेकरी की वस्तुएं, अचार, खमीरी व्यंजन (ढोकला, इडली, डोसा) तथा सभी खट्टी वस्तुओं से बचें।
वजन घटाने के लिए पानी कैसे पिएं?
प्यास लगे उतना ही पानी पिएं; सुबह खाली पेट केवल एक अंजलि पानी हितकारी है, और फ्रिज का ठंडा पानी टालना चाहिए।
वजन घटाने के लिए शहद का उपयोग कैसे करें?
शुद्ध शहद की दो चम्मच मात्रा साधारण मिट्टी के बर्तन के आधा गिलास पानी में मिलाकर रात को रखें और सुबह पिएं (या सुबह मिलाकर रात को पिएं)। शहद को कभी नींबू या गरम पानी के साथ न लें।
विरुद्ध आहार क्या है और क्या टालना चाहिए?
विरुद्ध आहार का अर्थ है असंगत भोजन संयोजन — जैसे दूध के साथ फल, दही, छाछ, लहसुन, प्याज़ या मूली, और गुड़ — इनसे बचना चाहिए, क्योंकि ऐसे संयोजन रोग उत्पन्न कर सकते हैं।
वैद्य निकुल पटेल (बी.ए.एम.एस.)
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