षोडश संस्कार – आयुर्वेद और अध्यात्म का समन्वय

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Share with:Embed from Getty Images भारतीय संस्कृतिमें आदर्श समाजजीवन वह उसके नींव में है।  आदर्श पुरुष, आदर्श परिवार एवं आदर्श समाज के साथ साथ हमारे सांस्कृतिक मूल्यो का आविष्कार पीढीयों तक हो उसके लिये हमारी भारतीय संस्कृति जाग्रत है । आदर्श भारतीय जीवन प्रणाली के पीछे राम-कृष्ण जैसे अवतार और मनु से लेकर वशिष्ठ, वाल्मिकि, …
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संस्कार का हेतु क्या है – षोडश संस्कार (२)

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Share with:Embed from Getty Images मनुष्यजीवन अति मूल्यवान है। हमें पशु- पक्षी योनिमें के बदले मनुष्य जन्म मिला है यह हमारा सौभाग्य है। हमारी भारतीय संस्कृति- वैदिक संस्कृति मानती है कि सेंकडो जन्मो के बाद यह मनुष्य देह मिलता है। इस मनुष्य जन्म के साथ साथ भगवान, समाज, कुटुंब, निसर्ग आदि की हमारी और से …
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सुवर्णप्राशन संस्कार – एक भारतीय परंपरा

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Share with:भारत की इस धरा ने – हमारी साँस्कृतिक परंपराने कई महापुरुषो, संतो, शूरवीरो, बौद्धिको, महान तत्ववेत्ताओ को जन्म दिया है। पर इस परंपरा को खडी करने और इतने सारे महान चरित्रो का संगोपन कैसे किया होगा यह हमने कभी सोचा है क्या? हमारे प्राचिन ऋषिओंने इसके लिये अथाग परिश्रम उठाया है। समाज स्वस्थ – …
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सर्दी, जुकाम और श्वास रोग में परहेज – आयुर्वेद से

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Share with:Embed from Getty Images सौंठ का टुकडा डालकर उबाला हुआ जल ही पीना चाहिए। गरम और हल्का खुराक ले। बैंगन, सहिजन, लहसुन, अदरख, मेथी, मुँग, शहद, दाल-चावल, खाखरा, बाजरा, मुँग/चावल के पापड, करी इत्यादि लेना है। दूघ, दहीं, घी, बर्फ, मेंदा, बेकरी आईटम, फ्रीजमें रखी हुई चीजें बिल्कुल बंद करना है। फल और मिठाई …
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