सर्दी, जुकाम और श्वास रोग में परहेज – आयुर्वेद से

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  • सौंठ का टुकडा डालकर उबाला हुआ जल ही पीना चाहिए।
  • गरम और हल्का खुराक ले।
  • बैंगन, सहिजन, लहसुन, अदरख, मेथी, मुँग, शहद, दाल-चावल, खाखरा, बाजरा, मुँग/चावल के पापड, करी इत्यादि लेना है।
  • दूघ, दहीं, घी, बर्फ, मेंदा, बेकरी आईटम, फ्रीजमें रखी हुई चीजें बिल्कुल बंद करना है।
  • फल और मिठाई नहीं लेना है।
  • छाती और सिर पर शेक करना है।
  • नस्य क्रिया करवाना अच्छा है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

सर्दी-जुकाम में क्या पीना चाहिए?

सौंठ का टुकड़ा डालकर उबाला हुआ पानी ही पीना चाहिए, इससे कफ और सर्दी में राहत मिलती है।

सर्दी-जुकाम में कौन सा भोजन फायदेमंद है?

गरम और हल्का भोजन लेना चाहिए — जैसे बैंगन, सहिजन, लहसुन, अदरख, मेथी, मूंग, शहद, दाल-चावल, खाखरा, बाजरा और मूंग/चावल के पापड़।

सर्दी-जुकाम में किन चीज़ों से परहेज़ करना चाहिए?

दूध, दही, घी, बर्फ, मैदा, बेकरी आइटम और फ्रिज़ में रखी चीज़ें बिल्कुल बंद करनी चाहिए; फल और मिठाई भी नहीं लेनी चाहिए।

सर्दी-जुकाम में सिकाई (शेक) का क्या महत्व है?

छाती और सिर पर गरम शेक करने से जकड़न और जुकाम में राहत मिलती है।

क्या नस्य क्रिया सर्दी-जुकाम में उपयोगी है?

हाँ, नस्य क्रिया (नाक में औषध डालना) करवाना सर्दी-जुकाम और श्वास संबंधी तकलीफ में अच्छा माना जाता है।

VN

वैद्य निकुल पटेल (बी.ए.एम.एस.)

आयुर्वेद कंसल्टेंट
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अथर्व आयुर्वेद क्लिनिक और पंचकर्म सेंटर
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महत्वपूर्ण सूचना: इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है, और यह किसी भी रोग के निदान या चिकित्सा उपचार का विकल्प नहीं है। कृपया कोई भी उपचार शुरू करने से पहले किसी विशेषज्ञ आयुर्वेदिक वैद्य की सलाह अवश्य लें।

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