मधुमेह (डायबिटीज़) – आंवला, हल्दी और गुडूची का 5-5 ग्राम मिश्रित चूर्ण पानी के साथ दिन में दो बार लें। मधुमेह की नियमित जांच और डॉक्टर की सलाह अनुसार उपचार अवश्य जारी रखें — यह उपाय केवल सहायक है। पायरिया – त्रिफ़ला गुग्गुल 2 गोली दिन में दो बार लें। दशन संस्कार चूर्ण को दंत …
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Author:वैद्य निकुल पटेल
कुछ घरेलु नुस्खे – आयुर्वेद से (13)
कुष्ठ रोग – गुडूची और आरग्वध (अमलतास) के काढ़े के साथ अरंडी का तेल लें। कुष्ठ रोग की डॉक्टर से जांच और नियमित चिकित्सकीय उपचार अवश्य करवाएं — यह उपाय केवल सहायक है। गुर्दे की पथरी – पाषाणभेद चूर्ण 2 ग्राम दिन में दो बार लें। पैराप्लीजिया (लकवा) – महानारायण तेल का बस्ति कर्म (एनीमा), …
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कुछ घरेलु नुस्खे – आयुर्वेद से (12)
दांत निकलना (बच्चों में) – बच्चे के दांत निकलते समय दंतोद्भेदांतक रस 1 गोली दिन में दो बार शहद के साथ दें और शहद, लौंग व आंवले के बारीक चूर्ण का लेप मसूड़ों पर लगाएं। नाक से खून आना – फिटकरी या गाय के दूध से बने पानी की बूंदें नाक में डालें। साथ ही …
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कुछ घरेलु नुस्खे – आयुर्वेद से (11)
अत्यधिक प्यास – गर्म ईंट को पानी में ठंडा करके वह पानी पिएं। दांतों की समस्या – तिल के तेल में हींग और सेंधा नमक मिलाकर कुल्ला करें या इसमें भिगोई रुई दांतों पर रखें। जलना – ताफ़ा एलोवेरा जूस या राल का मरहम बाहरी रूप से लगाएं। दाद (रिंगवर्म) – चक्रमर्द (चकवड़) के बीज …
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कुछ घरेलु नुस्खे – आयुर्वेद से (10)
बुखार – आयुर्वेद के अनुसार बुखार में कोई भी आहार नहीं लेना चाहिए, और बार-बार चिरायता का काफ़ा देना चाहिए। पुराना बुखार – पुराने बुखार में गुडूची सत्व चूर्ण 1 से 2 ग्राम गाय के दूध के साथ दिन में तीन बार दिया जाता है। कीड़े का जहर – हर दो घंटे में शिरीष बीज …
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कुछ घरेलु नुस्खे – आयुर्वेद से (9)
फोड़े (बॉइल्स) – नीम के सूखे पत्तों की राख बनाकर नीम के तेल में मिलाएं और फोड़ों पर बाहरी रूप से लगाएं। साथ ही नीम पत्तों का रस नियमित रूप से लें। गैस – शिवाक्षार पाचन चूर्ण 2 से 4 ग्राम भोजन के बाद दिन में दो बार लें। पेट फूलना – लहसुन को तिल …
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कुछ घरेलु नुस्खे – आयुर्वेद से (8)
मुंहासे (एक्ने) – लोध्र, सूखा धनिया, सरसों और वचा को नीम पत्तों के रस के साथ पीसकर लेप बनाएं और दिन में चेहरे पर लगाएं। खुजली – प्रभावित हिस्से पर सरसों का तेल लगाएं और खट्टे भोजन का सेवन पूरी तरह बंद करें। आईबीएस (चिड़चिड़ी आंत) – सिर्फ छाछ लें और पंचामृत परपटी 500 मिलीग्राम …
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कुछ घरेलु नुस्खे – आयुर्वेद से (7)
ल्यूकोडर्मा (त्वचा के सफेद दाग) – सभी प्रकार के त्वचा रोगों में महामंजिष्ठादि क्वाथ 10 मिली दिन में दो बार लें और खदिर (कत्था) चूर्ण का आंतरिक और बाहरी दोनों तरह से उपयोग करें। हैज़ा (कॉलरा) – खूब नींबू का शरबत पीते रहें और संजीवनी वटी 2 गोली दिन में दो बार लें। हैज़ा एक …
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कुछ घरेलु नुस्खे – आयुर्वेद से (6)
कृमि (कीड़े) – मिठाई से परहेज़ करें और दिन में तीन बार शहद के साथ विडंग चूर्ण लें। कम वज़न – 20 ग्राम अश्वगंधा चूर्ण को 200 मिली दूध में शक्कर के साथ उबालकर रोज़ रात को पिएं। घेंघा (गॉइटर) – कांचनार गुग्गुल की 3 गोली दिन में तीन बार लें और साथ ही प्रभावित …
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वातकंटक (एड़ी का दर्द) के लिए आयुर्वेदिक संपूर्ण मार्गदर्शिका | प्राकृतिक उपचार
English ગુજરાતી बह बिस्तर से उतरकर जैसे ही पहला पैर जमीन पर रखते हैं और एड़ी में सुई भोंकने जैसी तीव्र पीड़ा होती है, उसे आयुर्वेद में ‘वातकंटक’ कहा जाता है। एड़ी का दर्द (Heel Pain) आजकल बहुत सामान्य समस्या बन गया है, विशेष रूप से उन लोगों में जो लंबे समय तक खड़े रहते …
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