- फोड़े (बॉइल्स) – नीम के सूखे पत्तों की राख बनाकर नीम के तेल में मिलाएं और फोड़ों पर बाहरी रूप से लगाएं। साथ ही नीम पत्तों का रस नियमित रूप से लें।
- गैस – शिवाक्षार पाचन चूर्ण 2 से 4 ग्राम भोजन के बाद दिन में दो बार लें।
- पेट फूलना – लहसुन को तिल के तेल में भूनकर 5 से 10 टुकड़े खाने को दें। अरंडी के तेल से पेट पर हल्की मालिश करें और मालिश के बाद भाप दें।
- त्वचा रोग – हर प्रकार के त्वचा रोग में नीम पत्तों से बने पानी से स्नान करें और निर्धारित मात्रा में मंजिष्ठादि क्वाथ लें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
फोड़ों (बॉइल्स) के लिए घरेलू उपाय क्या है?
नीम के सूखे पत्तों की राख बनाकर नीम के तेल में मिलाएं और फोड़ों पर बाहरी रूप से लगाएं। साथ ही नीम पत्तों का रस नियमित रूप से लें।
गैस के लिए घरेलू उपाय क्या है?
शिवाक्षार पाचन चूर्ण 2 से 4 ग्राम भोजन के बाद दिन में दो बार लिया जाता है।
पेट फूलने पर क्या उपाय है?
लहसुन को तिल के तेल में भूनकर 5 से 10 टुकड़े खाने को दिए जाते हैं। अरंडी के तेल से पेट पर हल्की मालिश की जाती है और मालिश के बाद भाप दिया जाता है।
त्वचा रोगों के लिए घरेलू उपाय क्या है?
हर प्रकार के त्वचा रोग में नीम पत्तों से बने पानी से स्नान करें और निर्धारित मात्रा में मंजिष्ठादि क्वाथ लें।
VN
वैद्य निकुल पटेल (बी.ए.एम.एस.)
आयुर्वेद कंसल्टेंट
अथर्व आयुर्वेद क्लिनिक और पंचकर्म सेंटर
307, तीसरी मंजिल, शालिन कॉम्प्लेक्स, फरकी लस्सी के ऊपर, कृष्णबाग चार रास्ता, मणिनगर, अहमदाबाद – 380008
समय: सुबह 10:00 से 1:00 और दोपहर 3:00 से 6:30 | शनि–रवि: बंद
📍 क्लिनिक का Location — Google Maps
307, तीसरी मंजिल, शालिन कॉम्प्लेक्स, फरकी लस्सी के ऊपर, कृष्णबाग चार रास्ता, मणिनगर, अहमदाबाद – 380008
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Arattai:
Ayurveda
महत्वपूर्ण सूचना: इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है, और यह किसी भी रोग के निदान या चिकित्सा उपचार का विकल्प नहीं है। कृपया कोई भी उपचार शुरू करने से पहले किसी विशेषज्ञ आयुर्वेदिक वैद्य की सलाह अवश्य लें।