कुछ घरेलु नुस्खे – आयुर्वेद से (10)

  1. बुखार – आयुर्वेद के अनुसार बुखार में कोई भी आहार नहीं लेना चाहिए, और बार-बार चिरायता का काफ़ा देना चाहिए।
  2. पुराना बुखार – पुराने बुखार में गुडूची सत्व चूर्ण वैद्य की सलाह के अनुसार गाय के दूध के साथ दिन में तीन बार दिया जाता है।
  3. कीड़े का जहर – हर दो घंटे में शिरीष बीज का वैद्य की सलाह के अनुसार चूर्ण दिया जाता है। जहर की स्थिति गंभीर होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें — यह उपाय प्राथमिक सहायता तक ही सीमित है।
  4. गंजापन – सिर के सभी बाल हटाकर हाथी दांत की राख और रसवंती से बना लेप लगाया जाता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

बुखार में क्या घरेलू सलाह दी गई है?

आयुर्वेद के अनुसार बुखार में कोई भी आहार नहीं लेना चाहिए, और बार-बार चिरायता का काफ़ा दिया जाना चाहिए।

पुराने (क्रॉनिक) बुखार के लिए क्या उपाय है?

गुडूची सत्व चूर्ण वैद्य की सलाह के अनुसार गाय के दूध के साथ दिन में तीन बार दिया जाता है।

कीड़े के जहर के लिए घरेलू उपाय क्या है?

हर दो घंटे में शिरीष बीज का वैद्य की सलाह के अनुसार चूर्ण दिया जाता है। जहर की स्थिति गंभीर होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें — यह उपाय प्राथमिक सहायता तक ही सीमित है, चिकित्सा उपचार का विकल्प नहीं।

गंजेपन के लिए घरेलू उपाय क्या है?

सिर के सभी बाल हटाकर हाथी दांत की राख और रसवंती से बना लेप लगाया जाता है।

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वैद्य निकुल पटेल (बी.ए.एम.एस.)

आयुर्वेद कंसल्टेंट
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अथर्व आयुर्वेद क्लिनिक और पंचकर्म सेंटर
307, तीसरी मंजिल, शालिन कॉम्प्लेक्स, फरकी लस्सी के ऊपर, कृष्णबाग चार रास्ता, मणिनगर, अहमदाबाद – 380008
समय: सुबह 10:00 से 1:00 और दोपहर 3:00 से 6:30 | शनि–रवि: बंद
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महत्वपूर्ण सूचना: इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है, और यह किसी भी रोग के निदान या चिकित्सा उपचार का विकल्प नहीं है। कृपया कोई भी उपचार शुरू करने से पहले किसी विशेषज्ञ आयुर्वेदिक वैद्य की सलाह अवश्य लें।

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