कुछ घरेलु नुस्खे – आयुर्वेद से (15)

  1. फुफ्फुसावरण शोथ (प्लूरिसी) – शृंग भस्म वैद्य की सलाह के अनुसार शहद के साथ दिन में तीन बार लें। साथ ही शृंग भस्म से बना गर्म लेप छाती पर लगाएं।
  2. फ्लू (इन्फ्लुएंज़ा) – त्रिभुवन कीर्ति रस वैद्य की सलाह के अनुसार तुलसी पत्तों और अदरक के ताफ़े रस के साथ दिन में तीन बार लें। उपवास रखें और केवल उबला हुआ पानी पिएं।
  3. तिल्ली (स्प्लीन) बड़ना – पिप्पली चूर्ण वैद्य की सलाह के अनुसार शहद या दूध के साथ लें।
  4. अत्यधिक पेशाब आना – गुडूची का ताफ़ा रस वैद्य की सलाह के अनुसार दिन में दो बार लें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

प्लूरिसी (फुफ्फुसावरण शोथ) के लिए घरेलू उपाय क्या है?

शृंग भस्म वैद्य की सलाह के अनुसार शहद के साथ दिन में तीन बार लिया जाता है, साथ ही शृंग भस्म से बना गर्म लेप छाती पर लगाया जाता है।

फ्लू (इन्फ्लुएंज़ा) के लिए घरेलू उपाय क्या है?

त्रिभुवन कीर्ति रस वैद्य की सलाह के अनुसार तुलसी पत्तों और अदरक के ताफ़े रस के साथ दिन में तीन बार दिया जाता है, साथ ही उपवास रखकर केवल उबला हुआ पानी पीने की सलाह दी जाती है।

तिल्ली (स्प्लीन) बड़ने पर क्या उपाय है?

पिप्पली चूर्ण वैद्य की सलाह के अनुसार शहद या दूध के साथ दिया जाता है।

अत्यधिक पेशाब आने के लिए घरेलू उपाय क्या है?

गुडूची का ताफ़ा रस वैद्य की सलाह के अनुसार दिन में दो बार दिया जाता है।

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वैद्य निकुल पटेल (बी.ए.एम.एस.)

आयुर्वेद कंसल्टेंट
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अथर्व आयुर्वेद क्लिनिक और पंचकर्म सेंटर
307, तीसरी मंजिल, शालिन कॉम्प्लेक्स, फरकी लस्सी के ऊपर, कृष्णबाग चार रास्ता, मणिनगर, अहमदाबाद – 380008
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महत्वपूर्ण सूचना: इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है, और यह किसी भी रोग के निदान या चिकित्सा उपचार का विकल्प नहीं है। कृपया कोई भी उपचार शुरू करने से पहले किसी विशेषज्ञ आयुर्वेदिक वैद्य की सलाह अवश्य लें।

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