🌐 यह लेख अन्य भाषाओं में भी पढ़ें:
English: Ayurveda Tips – 14
ગુજરાતી: આરોગ્યના ઘરગથ્થુ ઉપાયો…14
- मधुमेह (डायबिटीज़) – आंवला, हल्दी और गुडूची का 5-5 ग्राम मिश्रित चूर्ण पानी के साथ दिन में दो बार लें। मधुमेह की नियमित जांच और डॉक्टर की सलाह अनुसार उपचार अवश्य जारी रखें — यह उपाय केवल सहायक है।
- पायरिया – त्रिफ़ला गुग्गुल 2 गोली दिन में दो बार लें। दशन संस्कार चूर्ण को दंत मंजन के रूप में उपयोग करें और जात्यादि तेल या इरिमेदादि तेल से कुल्ला करें।
- प्लूरिसी (फुफ्फुसावरण शोथ) – पुष्करमूल चूर्ण 1 से 2 ग्राम शहद के साथ दिन में दो बार लें। गर्म पानी की थैली या हीटिंग पैड से सिकाई करते रहें।
- एनीमिया (रक्ताल्पता) – हरड़चूर्ण गौमूत्र के साथ दिन में दो बार लें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
मधुमेह (डायबिटीज़) के लिए घरेलू उपाय क्या है?
आंवला, हल्दी और गुडूची का 5-5 ग्राम मिश्रित चूर्ण पानी के साथ दिन में दो बार लिया जाता है। मधुमेह एक दीर्घकालिक बीमारी है — नियमित जांच और डॉक्टर की सलाह अनुसार उपचार जारी रखें, यह उपाय केवल सहायक है।
पायरिया के लिए घरेलू उपाय क्या है?
त्रिफ़ला गुग्गुल 2 गोली दिन में दो बार ली जाती है, दशन संस्कार चूर्ण को दंत मंजन के रूप में उपयोग किया जाता है, और जात्यादि या इरिमेदादि तेल से कुल्ला किया जाता है।
प्लूरिसी (फुफ्फुसावरण शोथ) के लिए घरेलू उपाय क्या है?
पुष्करमूल चूर्ण 1 से 2 ग्राम शहद के साथ दिन में दो बार दिया जाता है, साथ ही गर्म पानी की थैली या हीटिंग पैड से सिकाई की जाती है।
एनीमिया (रक्ताल्पता) के लिए घरेलू उपाय क्या है?
हरड़चूर्ण गौमूत्र के साथ दिन में दो बार दिया जाता है।
VN
वैद्य निकुल पटेल (बी.ए.एम.एस.)
आयुर्वेद कंसल्टेंट
अथर्व आयुर्वेद क्लिनिक और पंचकर्म सेंटर
307, तीसरी मंजिल, शालिन कॉम्प्लेक्स, फरकी लस्सी के ऊपर, कृष्णबाग चार रास्ता, मणिनगर, अहमदाबाद – 380008
समय: सुबह 10:00 से 1:00 और दोपहर 3:00 से 6:30 | शनि–रवि: बंद
📍 क्लिनिक का Location — Google Maps
307, तीसरी मंजिल, शालिन कॉम्प्लेक्स, फरकी लस्सी के ऊपर, कृष्णबाग चार रास्ता, मणिनगर, अहमदाबाद – 380008
समय: सुबह 10:00 से 1:00 और दोपहर 3:00 से 6:30 | शनि–रवि: बंद
📍 क्लिनिक का Location — Google Maps
Arattai:
Ayurveda
महत्वपूर्ण सूचना: इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है, और यह किसी भी रोग के निदान या चिकित्सा उपचार का विकल्प नहीं है। कृपया कोई भी उपचार शुरू करने से पहले किसी विशेषज्ञ आयुर्वेदिक वैद्य की सलाह अवश्य लें।