गले का संक्रमण (फैरिंजाइटिस): गले में दर्द-खराश के कारण और आयुर्वेदिक उपचार

गले में खराश लगभग हर किसी को होती है, पर बार-बार हो या लंबी चले तो उसके पीछे एसिडिटी, धूम्रपान, आवाज़ का अधिक उपयोग या कमज़ोर अग्नि हो सकती है। आयुर्वेद कंठ को कफ-पित्त का स्थान मानकर गंडूष, पथ्य और औषधि से देखभाल का मार्ग बताता है।

टॉन्सिलाइटिस (टॉन्सिल्स): कारण, लक्षण और आयुर्वेदिक उपचार

निगलने में दर्द, बुखार और बार-बार टॉन्सिल? आयुर्वेद कफ-पित्त की दुष्टि और मंद अग्नि को मूल कारण मानता है और गंडूष, औषधि तथा पथ्य से बार-बार होने वाले हमलों को कम करने का मार्ग बताता है।