बच्चे के विकास में देरी: बैठना, चलना, बोलना देर से, माइलस्टोन, जल्दी पहचान और आयुर्वेदिक सहायक देखभाल

“हर बच्चा अपनी गति से बढ़ता है”, सही है, पर हर देरी इंतज़ार करने लायक नहीं। दिमाग़ का सबसे तेज़ विकास पहले पाँच वर्षों में होता है, इसलिए जल्दी पहचान और थेरेपी बड़ा फ़र्क़ लाती है। आयुर्वेदिक अभ्यंग, पोषण और मेध्य रसायन, विशेषज्ञ उपचार के साथ सहायक बन सकते हैं।