कुछ घरेलु नुस्खे – आयुर्वेद से (4)

Embed from Getty Images

  1. खांसी – कटेरी का काढा बनाकर ठंडा होने पर उसमे शहद मिलाकर पीना चाहिये ।
  2. मूत्रदाह – गर्मी के दिनों में होने वाले पेशाब मे जलने के समय घी, शक्कर के साथ ईलायची का चूर्ण – चन्द्रकला रस की एक गोली के साथ दिन में तीन-चार बार चाटना चाहिये।
  3. ऊरःक्षत – फेंफडोमें छाले पडने पर बल्गम से साथ जब खून गिरता है उस समय पीपल की लाख ( लाक्षा) का चूर्ण शद के साथ दिन में तीन बार चाटना चाहिये।
  4. ऊल्टी – कपूरकचरी का चूर्ण बारी – बारी जीभ पर रखकर चाटना चाहिये।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

खांसी में क्या घरेलू उपाय बताया गया है?

कटेरी का काढ़ा बनाकर ठंडा होने पर उसमें शहद मिलाकर पीना चाहिए।

मूत्रदाह (पेशाब में जलन) में क्या करना चाहिए?

घी, शक्कर और इलायची चूर्ण के साथ चंद्रकला रस की एक गोली दिन में तीन-चार बार चाटनी चाहिए।

ऊरःक्षत (खांसी में खून आना) क्या है और इसका उपाय क्या है?

फेफड़ों में छाले पड़ने पर बलगम के साथ खून आने की स्थिति को ऊरःक्षत कहते हैं; इसमें पीपल की लाख (लाक्षा) का चूर्ण शहद के साथ दिन में तीन बार लेने का उल्लेख है। खांसी में खून आना एक गंभीर लक्षण है — इसे नज़रअंदाज़ न करें और तुरंत डॉक्टर से जांच करवाएं।

उल्टी में क्या घरेलू उपाय है?

कपूरकचरी का चूर्ण बारी-बारी से जीभ पर रखकर चाटना चाहिए।

VN

वैद्य निकुल पटेल (बी.ए.एम.एस.)

आयुर्वेद कंसल्टेंट
Atharva Ayurveda Clinic Logo
अथर्व आयुर्वेद क्लिनिक और पंचकर्म सेंटर
307, तीसरी मंजिल, शालिन कॉम्प्लेक्स, फरकी लस्सी के ऊपर, कृष्णबाग चार रास्ता, मणिनगर, अहमदाबाद – 380008
समय: सुबह 10:00 से 1:00 और दोपहर 3:00 से 6:30 | शनि–रवि: बंद
📍 क्लिनिक का Location — Google Maps
आयुर्वेद वेबसाइट्स: Hindi Website | Hindi Q&A
Social Media: YouTube • Facebook • Instagram • X
Telegram Channels: ગુજરાતી • हिंदी • English
Arattai: Ayurveda

महत्वपूर्ण सूचना: इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है, और यह किसी भी रोग के निदान या चिकित्सा उपचार का विकल्प नहीं है। कृपया कोई भी उपचार शुरू करने से पहले किसी विशेषज्ञ आयुर्वेदिक वैद्य की सलाह अवश्य लें।

Keep Reading

PreviousNext