हाई ब्लड प्रेशर – क्या करें और क्या न करें

मुख्य बातें

  • हाई BP में नमक कम करें और शारीरिक तथा मानसिक तनाव से बचें।
  • तंबाकू, धूम्रपान, शराब, अचार और अधिक खट्टा, नमकीन या तीखा भोजन न लें।
  • नियमित प्राणायाम सहायक है, और शिरोधारा पारंपरिक रूप से उपयोगी मानी जाती है।
  • ये सहायक उपाय हैं; नियमित BP जाँच कराएँ और चल रही दवा बंद न करें।
  • नमक खाना बंद करें।
  • शारीरिक और मानसिक तनाव से बचें।
  • अत्यधिक चिंतित न हों।
  • तंबाकू, धूम्रपान, शराब, अचार और नमकीन भोजन से बचें।
  • खट्टे, नमकीन और तीखे स्वाद वाले भोजन से बचें।
  • खुशनुमा, सुखद और आरामदायक वातावरण में रहें।
  • नियमित रूप से प्राणायाम करें।
  • हाई ब्लड प्रेशर में शिरोधारा बहुत उपयोगी है।
आयुर्वेद के अनुसार हाई ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने के लिए कौन सी जीवनशैली में बदलाव करने चाहिए?

नमक का सेवन कम करना, शारीरिक और मानसिक तनाव से बचना, चिंतित होने के बजाय शांत रहना, और तंबाकू, धूम्रपान, शराब, अचार तथा नमकीन भोजन से दूर रहना सुझाया जाता है।

हाई ब्लड प्रेशर में कौन से भोजन या स्वाद से बचना चाहिए?

खट्टे, नमकीन या तीखे स्वाद वाले भोजन से बचना चाहिए, साथ ही तंबाकू, धूम्रपान, शराब और अचार से भी बचना चाहिए।

हाई ब्लड प्रेशर में कौन सी आयुर्वेदिक चिकित्सा उपयोगी है?

शिरोधारा (माथे पर लगातार गरम तेल की धारा गिराने की चिकित्सा) हाई ब्लड प्रेशर में बहुत उपयोगी मानी जाती है, साथ ही नियमित प्राणायाम (श्वास संबंधी व्यायाम) भी करना चाहिए।

क्या केवल इन सुझावों का पालन करना पर्याप्त है?

ये सहायक जीवनशैली दिशानिर्देश हैं, चिकित्सा उपचार का विकल्प नहीं। हाई ब्लड प्रेशर की निगरानी और उपचार योग्य चिकित्सक की सलाह के अनुसार ही करनी चाहिए, क्योंकि अनियंत्रित ब्लड प्रेशर गंभीर जटिलताओं का कारण बन सकता है।

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वैद्य निकुल पटेल (बी.ए.एम.एस.)

आयुर्वेद कंसल्टेंट
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अथर्व आयुर्वेद क्लिनिक और पंचकर्म सेंटर
307, तीसरी मंजिल, शालिन कॉम्प्लेक्स, फरकी लस्सी के ऊपर, कृष्णबाग चार रास्ता, मणिनगर, अहमदाबाद – 380008
समय: सुबह 10:00 से 1:00 और दोपहर 3:00 से 6:30 | शनि–रवि: बंद
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महत्वपूर्ण सूचना: इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है, और यह किसी भी रोग के निदान या चिकित्सा उपचार का विकल्प नहीं है। कृपया कोई भी उपचार शुरू करने से पहले किसी विशेषज्ञ आयुर्वेदिक वैद्य की सलाह अवश्य लें।

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