आमवात – रूमेटाइड आर्थराइटिस के लिए आहार-विहार (पथ्य पालन)

(केवल औषधियों से रोग नहीं मिटता, उसके साथ परहेज़ का पालन करने से ही रोग जड़ से मिट सकता है।)

आमवात रूमेटाइड आर्थराइटिस पथ्य आहार


मुख्य बातें

  • आमवात (रूमेटॉइड आर्थराइटिस) में दवा तभी पूरा काम करती है जब साथ में सख्त पथ्य आहार और जीवनशैली का पालन हो।
  • बासी भोजन, मैदे की चीजें, खमीर वाली चीजें और दही, छाछ, नींबू, टमाटर जैसी सभी खट्टी चीजें न लें।
  • सोंठ डालकर आधा रहने तक उबाला पानी पिएँ; दालों में केवल मूँग लें, और फल, गुड़ तथा मिठाई न लें।
  • दिन में न सोएँ, तेल मालिश न करें, सूखा सेंक करें और दी गई दवा नियमित लें।

आहार

  • बासी भोजन न लें।
  • मैदे की चीज़ें न लें – ब्रेड, बिस्किट, पाव तथा अन्य बेकरी की वस्तुएँ न लें।
  • अचार तथा खमण, ढोकला, हांडवो, इडली, डोसा आदि खमीर उठाकर बनाई जाने वाली वस्तुएँ न लें।
  • दही, छाछ, नींबू, टमाटर, इमली, कोकम आदि सभी खटाई बंद करें।
  • दिन में न सोएँ।
  • पंखे की सीधी हवा से दूर सोएँ।

पानी उबालने की विधि

  • सुबह से शाम तक जितना पानी चाहिए, उससे दोगुना पानी लें और बर्तन खुला रखकर आधा रह जाने तक उबालें। आधा पानी जल जाने के बाद उसे ठंडा करके उपयोग में लें। पानी उबालते समय सोंठ का एक छोटा टुकड़ा डालें। शाम से सुबह तक जितना पानी चाहिए, उतना पानी शाम को फिर से उबालें। बासी पानी उपयोग में न लें।
  • शहद का प्रयोग: शुद्ध शहद दो बड़े चम्मच भरकर आधे गिलास सादे पानी में मिलाकर शाम को रख दें। (गर्म पानी में शहद न डालें, और नींबू वज़न नहीं घटाता, उल्टा जोड़ों के दर्द की तकलीफ़ बढ़ाता है।)
  • दही वज़न बढ़ाने वाला और शरीर की सभी नाड़ियों में अवरोध करने वाला है, इसलिए यह अधिकांश रोगों का कारण है – इससे दूर रहें।
  • दूध के साथ कोई भी फल, दही, छाछ, लहसुन, प्याज़, मूली, गुड़ तथा सभी खटाई विरुद्ध आहार है। दही के साथ गुड़ और मूली भी विरुद्ध आहार है।

विहार

  • दिन में न सोएँ तथा सुबह सूर्योदय से पहले उठ जाएँ।
  • किसी भी प्रकार की मालिश न करें और कोई ट्यूब न लगाएँ। सुबह-शाम दो बार नियमित रूप से कपड़े, गर्म पानी की थैली, गर्म रेत की पोटली या इलेक्ट्रिक पैड से सेंक करें।
  • यहाँ से दी जाने वाली सभी दवाएँ किसी भी दूसरी दवा के साथ लेने में कोई आपत्ति नहीं है, इसलिए कोई दूसरा उपचार लेना पड़े तो यह दवा बंद करने की आवश्यकता नहीं है।
  • एक भी दिन छोड़े बिना नियमित दवा लें।
  • भोजन के तुरंत बाद लेटें नहीं, सौ कदम चलें और संभव हो तो पाँच मिनट वज्रासन में बैठें।
  • दी गई दवाओं में कोई भी दवा गर्म नहीं है, इसलिए भोजन से पहले या बाद में कभी भी ली जा सकती है। केवल पाचन की दवा, जिस पर लिखा हो, वही भोजन के बाद लें।
  • सभी फल बंद करें।
  • गुड़ न लें।
  • चॉकलेट, बिस्किट, मिठाई आदि न लें।
  • बैंगन, मेथी, सहजन और लहसुन अधिक लें।
  • मूंग के अलावा सभी दालें बंद रखें।

आमवात – रूमेटाइड आर्थराइटिस, जोड़ों का दर्द, गठिया, गाउट, साइटिका सहित सभी प्रकार के जोड़ों के रोगों के उपचार के लिए संपर्क करें।


अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ) – आमवात पथ्य

आमवात (रूमेटाइड आर्थराइटिस) में परहेज़ क्यों ज़रूरी है?

आमवात में केवल औषधियों से रोग नहीं मिटता; उचित परहेज़ (आहार-विहार) का कड़ाई से पालन करने से ही रोग जड़ से मिटाया जा सकता है।

आमवात में कौन-सा भोजन नहीं लेना चाहिए?

बासी भोजन, मैदे की वस्तुएँ (ब्रेड, बिस्किट), अचार तथा खमीर वाली वस्तुएँ (खमण, ढोकला, इडली, डोसा), और दही-छाछ-नींबू-टमाटर-इमली जैसी खट्टी वस्तुएँ पूरी तरह छोड़ देनी चाहिए।

आमवात में पानी कैसे उबालकर पीना चाहिए?

ज़रूरत से दोगुना पानी लेकर उसमें सोंठ का टुकड़ा डालें, बर्तन खुला रखकर आधा रहने तक उबालें और फिर ठंडा करके पीने के लिए उपयोग करें।

आमवात में दालें क्यों नहीं लेनी चाहिए?

सभी दालें वायु बढ़ाने वाली मानी जाती हैं, और आमवात में वायु बढ़ने से जोड़ों का दर्द और सूजन और बिगड़ सकते हैं, इसलिए मूंग को छोड़कर सभी दालें बंद रखने की सलाह दी जाती है।

यह पथ्य आमवात के अलावा और किन रोगों में उपयोगी है?

यह पथ्य रूमेटाइड आर्थराइटिस, जोड़ों का दर्द, गठिया, गाउट और साइटिका जैसे सभी प्रकार के जोड़ों के रोगों में उपयोगी है।


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वैद्य निकुल पटेल (बी.ए.एम.एस.)

आयुर्वेद कंसल्टेंट
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अथर्व आयुर्वेद क्लिनिक और पंचकर्म सेंटर
307, तीसरी मंजिल, शालिन कॉम्प्लेक्स, फरकी लस्सी के ऊपर, कृष्णबाग चार रास्ता, मणिनगर, अहमदाबाद – 380008
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महत्वपूर्ण सूचना: इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है, और यह किसी भी रोग के निदान या चिकित्सा उपचार का विकल्प नहीं है। कृपया कोई भी उपचार शुरू करने से पहले किसी विशेषज्ञ आयुर्वेदिक वैद्य की सलाह अवश्य लें।

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