राहुल को लगता था कि नेहा की ‘ना’ शायद प्रेम की कमी है। लेकिन जब नेहा ने अपनी शारीरिक और मानसिक असहजता के बारे में खुलकर बताया, तो दोनों को समझ आया कि यौन पसंद और प्रेम को एक ही नजरिए से नहीं देखा जा सकता।
मौन अस्वीकार
राहुल को लगता था कि नेहा की ‘ना’ शायद प्रेम की कमी है। लेकिन जब नेहा ने अपनी शारीरिक और मानसिक असहजता के बारे में खुलकर बताया, तो दोनों को समझ आया कि यौन पसंद और प्रेम को एक ही नजरिए से नहीं देखा जा सकता।
अपनी पसंद-नापसंद के बारे में बात न कर पाने से दंपती के बीच गलतफहमियाँ पैदा हो सकती हैं। रिया और नीरव की कहानी दिखाती है कि खुली और सम्मानपूर्ण बातचीत रिश्ते में समझ और नज़दीकी की शुरुआत कैसे बन सकती है।